New Vishal Vision, होम
हिं
प्रोजेक्ट शुरू करें
कैमरे और लाइट के साथ स्टूडियो शूट की तैयारी करता एक भारतीय फ़िल्म क्रू

01 · विज्ञापन, मुंबई

New Vishal Vision की शुरुआत विज्ञापन के सेट पर हुई थी, और हमें आज भी हर फ़्रेम की परवाह है। पूरे भारत के ब्रांड्स और संस्थानों के लिए ब्रांड फ़िल्में, विज्ञापन, सोशल कैंपेन और फ़ोटोग्राफ़ी।

जो ख़ूबसूरत फ़िल्म किसी को छूती नहीं, वह बस एक महँगा स्क्रीनसेवर है।

हम बिज़नेस की समस्या से शुरू करते हैं: इसे देखने के बाद क्या बदलना चाहिए? फिर शूट ऐसे प्लान करते हैं कि सेट पर एक दिन में मुख्य फ़िल्म, छोटे वर्शन, स्टिल्स और सोशल पोस्ट सब मिल जाएँ।

कॉलेज की एडमिशन रील को भी फ़्रेमिंग, साउंड और एडिट में उतनी ही मेहनत मिलती है जितनी किसी राष्ट्रीय कैंपेन को। हमें यही सिखाया गया है।

एक प्रोडक्शन के भीतर

एक आइडिया से हर स्क्रीन तक।

  • लाल लहंगे में मॉडल और फ़ोटोग्राफ़ी क्रू के साथ एक ब्राइडल फ़ैशन शूट

    01फ़ैशन व ब्राइडल

  • सॉफ़्टबॉक्स लाइट के नीचे प्रोडक्ट की तस्वीर लेता एक फ़ोटोग्राफ़र

    02प्रोडक्ट फ़ोटोग्राफ़ी

  • बड़े मॉनिटर पर रंग-बिरंगे मोशन ग्राफ़िक्स पर काम करता एक डिज़ाइनर

    03मोशन व डिज़ाइन

  • अँधेरे कमरे में बड़ी स्क्रीनों वाला एक एडिट सूट

    04एडिट व पोस्ट-प्रोडक्शन

ये सांकेतिक तस्वीरें हैं। अपनी फ़िल्में और प्रोडक्शन स्टिल्स हम माँगने पर दिखाते हैं, और क्लाइंट चाहे तो NDA के तहत।

  1. 01

    ब्रांड व कॉर्पोरेट फ़िल्में

    आप कौन हैं, इसकी कहानी, इस तरह कही गई कि बोर्डरूम के बाहर के लोग भी उसकी परवाह करें।

  2. 02

    ऐड क्रिएटिव

    Meta, Google और YouTube के लिए वीडियो और स्टैटिक ऐड, कई वर्शन में, ताकि आप परख सकें कि क्या चलता है।

  3. 03

    सोशल कैंपेन

    रील्स, कैरोसेल और स्टोरीज़, एक-एक पोस्ट की तरह नहीं, बल्कि महीने भर के काम की तरह प्लान किए गए।

  4. 04

    एडमिशन व संस्थागत फ़िल्में

    कैंपस, फ़ैकल्टी और छात्रों की कहानियाँ, जो परिवारों को कॉलेज चुनने में मदद करें।

  5. 05

    एक्सप्लेनर व मोशन ग्राफ़िक्स

    जब किसी प्रोडक्ट या प्रक्रिया को समझाना मुश्किल हो, तो हम उसे बनाकर दिखाते हैं।

  6. 06

    फ़ोटोग्राफ़ी

    प्रोडक्ट, फ़ैशन, लोग और इवेंट, एक ऐसी लाइब्रेरी के रूप में जो आप बार-बार इस्तेमाल करते रहें।

प्रक्रिया

ब्रीफ़ से हर स्क्रीन तक

  1. ब्रीफ़

    कोई एक शब्द लिखने से पहले हम तय करते हैं कि फ़िल्म से क्या बदलना है।

  2. स्क्रिप्ट व स्टोरीबोर्ड

    काग़ज़ पर शब्द और फ़्रेम, क्रू बुक होने से पहले मंज़ूर।

  3. शूट व एडिट

    क्रू, कलाकार, लोकेशन, एडिट, कलर ग्रेड, साउंड और म्यूज़िक।

  4. हर स्क्रीन के लिए कट

    YouTube, Instagram, WhatsApp और बड़ी स्क्रीन के लिए अलग-अलग वर्शन।

लोग

ऐसे डायरेक्टर जो ब्रीफ़ को अपना मानते हैं।

  • विशाल किरण शर्मा का पोर्ट्रेट

    विशाल किरण शर्मा

    संस्थापक

    NVV का रोज़ का काम चलाते हैं और हर क्लाइंट से रिश्ता ख़ुद संभालते हैं।

  • किरण के. शर्मा का पोर्ट्रेट

    किरण के. शर्मा

    संस्थापक मेंटर, क्रिएटिव व विज़ुअल स्टोरीटेलिंग

    1970 में अंधेरी में स्टूडियो किरण खोला। कैमरे के पीछे पचास साल, और यही वजह है कि हम शूट करने से पहले देखते हैं।

  • सूरज चित्रे का पोर्ट्रेट

    सूरज चित्रे

    क्रिएटिव सलाहकार, फ़िल्म व ब्रांडेड कंटेंट

    ब्रांड फ़िल्मों और डॉक्यूमेंट्री कहानियों के फ़िल्मकार और कंटेंट रणनीतिकार।

  • साइकत बागबान का पोर्ट्रेट

    साइकत बागबान

    क्रिएटिव सलाहकार, कमर्शियल

    टीवी, डिजिटल और ब्रांडेड कंटेंट के कमर्शियल डायरेक्टर।

कुछ संस्थाएँ जिनके साथ हमने काम किया है

  • TCS
  • Reliance Energy
  • SVKM
  • Wella India
  • MIDC
  • MIHAN
  • iBall
  • Thakur Group
  • R. C. Patel Institute
  • Ampersand Group
  • Skill Tree Consulting
  • Leadspire

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल, जवाब के साथ

New Vishal Vision किस तरह की फ़िल्में बनाता है?

New Vishal Vision ब्रांड व कॉर्पोरेट फ़िल्में, एडमिशन व संस्थागत फ़िल्में, ऐड क्रिएटिव, एक्सप्लेनर व मोशन ग्राफ़िक्स, ट्रेनिंग वीडियो और छोटे सोशल वीडियो बनाता है, साथ में फ़ोटोग्राफ़ी भी।

क्या आप मुंबई के बाहर भी शूट करते हैं?

हाँ। हम अंधेरी, मुंबई में हैं और पूरे भारत में शूट करते हैं। एडिटिंग, मोशन और डिजिटल क्रिएटिव कहीं के भी क्लाइंट को ऑनलाइन दिए जाते हैं।

फ़िल्म या कैंपेन की क़ीमत कैसे तय होती है?

फ़िल्मों और कैंपेन की क़ीमत काम के दायरे से तय होती है: शूट के दिन, लोकेशन, कलाकार, एनिमेशन और आपको कितने वर्शन चाहिए। एक छोटी कॉल के बाद हम लिखित अनुमान भेजते हैं, और हर अनुमान में साफ़ लिखा होता है कि उसमें क्या-क्या शामिल है।

प्रोडक्शन में आप AI का इस्तेमाल कैसे करते हैं?

हम उबाऊ हिस्सों को तेज़ करने के लिए AI इस्तेमाल करते हैं: ड्राफ़्ट स्क्रिप्ट, रफ़ कट, सबटाइटल और ऐड के वर्शन। हर चीज़ एक इंसान जाँचता है, और जहाँ विज्ञापन के नियम कहते हैं वहाँ हम AI से बने या बदले गए कंटेंट पर लेबल लगाते हैं।

यहाँ से शुरू करें

कुछ ऐसा है जो लोगों तक पहुँचना चाहिए?

बताइए कि आप उन्हें क्या महसूस कराना और क्या करवाना चाहते हैं। हम रेट कार्ड नहीं, एक आइडिया लेकर लौटेंगे।

  1. एक कार्यदिवस के भीतर एक असली इंसान जवाब देता है, अक्सर विशाल ख़ुद।
  2. एक छोटी कॉल, यह समझने के लिए कि आपको क्या चाहिए।
  3. पहले कुछ छोटा, ताकि पूरा काम सौंपने से पहले आप हमारा काम परख सकें।

बात करना पसंद है? +91 98211 10042 · WhatsApp

आपसे संपर्क का सबसे अच्छा तरीक़ा

हम ये जानकारी सिर्फ़ आपकी पूछताछ का जवाब देने के लिए इस्तेमाल करते हैं। हमारी प्राइवेसी सूचना देखें।